क्या तुम वो ख्वाब हो, जो सुबह की आंच में पिघलती है या वो गुलाब हो, जो पुराने पन्नो में महकती है क्या तुम वो ख्वाब हो, जो सुबह की आंच में पिघलती है या वो गुलाब हो, जो पुराने ...
पहले जैसी कोई बात अब रही नहीं इसमें ना वो महक है ना वो स्पर्श पहले जैसी कोई बात अब रही नहीं इसमें ना वो महक है ना वो स्पर्श
तब मै भी प्रफुल्लित मन से मंगल गीत गाऊंगा, हर्षोल्लास के साथ महिला दिवस मनाऊंगा । तब मै भी प्रफुल्लित मन से मंगल गीत गाऊंगा, हर्षोल्लास के साथ महिला दिवस मनाऊंगा...
आपकी जिंदगी में आने वाला हर पल अच्छा रहे, यही हम प्रार्थना भगवान से करें। आपकी जिंदगी में आने वाला हर पल अच्छा रहे, यही हम प्रार्थना भगवान से करें।
इसी कसमकस में बस पिस रहा था, वो लाल सुर्ख गुलाब....! इसी कसमकस में बस पिस रहा था, वो लाल सुर्ख गुलाब....!
माँ शब्द में ही है एक आस, जो देती है उम्मीद, प्यार और पूर्णता का एहसास। माँ शब्द में ही है एक आस, जो देती है उम्मीद, प्यार और पूर्णता का एहसास।